आज हमारा देश तथा पूरी दुनिया इस कोरोनावायरस से संघर्षरत है, तब हमारा कर्तव्य है कि हम इस संघर्ष में अपना संपूर्ण योगदान दें।
अब हालांकि प्रश्न यह उठता है कि हम अपना संपूर्ण योगदान किस प्रकार दें ? यहां पर मैं यह कहना चाहूंगा कि एक काम जो वर्तमान में हम अपने घरों में रहने का कर रहे है, वह पूरी शिददत के साथ करते रहे और दुसरा काम जो हम कर सकते है वह यह की जितना हो सके, हम उतना दान करें।
यहां दान का मतलब केवल धनराशि के दान से ना होकर अन्य प्रकार के दानों से भी है। यह बात तो सही है कि आज के समय में धनराशि का दान करना बहुत ही जरूरी है परंतु इसके साथ-साथ हमें अन्य चीजों का भी दान करना चाहिए, जिनमें से 1 दान है अन्नदान- मुख्य रूप से हमें यह देखना चाहिए कि हमारी गली मोहल्ले के आसपास कोई भी ऐसा व्यक्ति ना हो जिसे भूखा रहना पड़ रहा है, जिसकी खाने की सही व्यवस्था ना हो पा रही हो, हम उसे अन्य/भोजन का दान करके बहुत ही पुण्य का काम कर सकते हैं।
दुसरा दान निश्चित रूप से धनराशि का करें। आपको धनराशि का दान करते समय यह भावना आ रही होगी कि बड़े-बड़े उद्योगपति बड़े-बड़े नामी-गिरामी लोग जब अरबों करोड़ों रुपए की धनराशि का दान कर रहे हैं तो हम कुछ धनराशि का दान करके क्या कर लेंगे, पर एक बात जो मैं आपसे कहना चाहूंगा वह यह है कि दान करने में यह नहीं देखा जाता कि आप क्या दान कर रहे हैं या कितनी मात्रा में दान कर रहे हैं, दान की सबसे बड़ी शक्ति ही यह है कि आप सही भावना के साथ दान करें, यदि आपकी भावना सही है तो आपके द्वारा किया गया दान, सही दिशा में जाकर लाभ पहुचाता है और ईश्वर ने जितना आपको समर्थ बनाया है, उसके हिसाब से आप दान कर रहे हैं, जब यह भावना आपके अंदर आएगी तो, आपके द्वारा किया गया दान चाहे वह कुछ भी, कितना भी हो निश्चिय ही लाभप्रद होगा।
अंत में आपको यह भी बताना चाहूंगा कि मध्यप्रदेश के भिंड जिले में 14 वर्ष के हर्ष ने अपने गुल्लक में जोड़े गए 2,280/- दान किये है।

अंत में यही आशा और विश्वास है कि विश्व में जो विपरीत परिस्थितियों इस समय चल रही हैं, उनसे निश्चित ही हम सब मुक्त होकर, सामान्य जीवन शैली की तरफ अग्रसर होंगे।