Google 3D View

विश्व के अधिकतम देशों के साथ साथ हमारे देश  के नागरिक  जो इस समय अपने घरों में रहकर  इस वायरस से अप्रत्यक्ष रूप से  लड़ने में सहयोग प्रदान कर रहे हैं उन सभी के लिए दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने एक बहुत ही अच्छा फीचर्स लॉन्च किया है उस फीचर्स से आप जंगली जानवरों को अपने घरों में ला सकते हैं।

सुनने में तो बड़ा अजीब सा लग रहा है पर यह बात शतप्रतिशत सही है। इस फीचर्स को गूगल 3D व्यू कहा जाता है और यह काम कैसे करता हैं, आइए देखते हैं। 

अगर आपको अपने घर में panda देखना है तो गूगल पर टाइप करे panda। इसके बाद आपको बहुत सारे सर्च रिजल्ट देखेंगे, उनमे से आप view in 3D पर क्लिक कर दे।

जब आप क्लिक करेंगे तो आपको नीचे दिए अनुसार 3d View  में panda दिखेगा

इसके नीचे लिखे हुए view in your space पर क्लिक करे। जब आप क्लिक करेंगे तो आपका कैमरा ओपन हो जायेगा और उस कैमरे को जहा पर भी आप ले जायेंगे तो आपको कैमरा के माद्यम से आपके घर में ये panda आपको दिखेगा।

गूगल की यह टेक्नालॉजी Augmented reality पर काम करती है, इसमे होता यह है कि computer के माद्यम से कोई वस्तु, चीज, छायाचित्र को वास्तविक reality पर कैमरा के माद्यम से दिखाया जाता है।

तो आप भी गूगल के इस नए फीचर्स का मजा उठाइये।

What should we learn from coronavirus disease covid 19

            आज जब हम और पूरी दुनिया coronavirus disease covid 19 नामक जानलेवा समस्या से जूझ रहा है, तब यह समय हमारे स्वयं के आत्मविश्लेषण का है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि आज पूरी दुनिया में विज्ञानं इतनी प्रगति करने के बाद भी इस coronavirus disease covid 19 से बचने के उपाय नहीं दूर पा रहे है।

                     इसके साथ ही साथ यह विचार करना भी जरूरी है कि ऐसी स्थिति निर्मित ही क्यों हुई ? कि आज के समय में परिस्थितिया इतनी उल्टी क्यों हो गई की, हम जानवरो जैसे घरो में बंद है और जानवर बिलकुल खुले रूप में प्रकति का आन्नद ले रहे है।

                    इस coronavirus disease covid 19 के कारणों की बात की जाये तो मूल रूप से यह कैसे क्या हुआ है, इसके बारे में सही-सही कारणों की जानकारी तो किसी को भी नहीं है, परंतु मुख्य रूप से देखा जाये तो यह प्रकति के साथ खिलवाड़ के कारण ही है।

                       आज के समय में पेड़ पौधों की अंधाधुंद कटाई, औद्योगीकरण, अपने आपको सभी से सर्वोत्तम मानना और प्रकति का अपने उपयोग हेतु किस किस प्रकार से दोहन किया जा सकता है, इसी लालसा/विचारो के कारण आज की विषम परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं।

                   यहां पर हम यह समझने का प्रयास करें कि प्रकृति कितनी ताकतवर है कि उसका एक छोटा सा वायरस जिसको हम सामान्य आंखों से देख भी नहीं सकते हैं उसने पूरी की पूरी दुनिया को या कहें पूरे वर्ल्ड को अपने घुटनों पर ला दिया है, क्या अमीर और क्या गरीब, क्या हिंदू और क्या मुस्लिम, सभी समान रूप से इस virus से ग्रसित हुए है।

               इसलिए आज के समय से हमें यह सीखना चाहिए कि आज और अभी से हम प्रकति के साथ संतुलन बनाकर रहना सीख ले, क्योंकि प्रकृति को हमारी जरूरत नहीं है हमें प्रकृति की जरूरत है क्योंकि यदि हम प्रकति के साथ संतुलन बनाकर रहना नहीं सीखते हैं तो आगे चलकर हमारा जीवन यापन बहुत मुश्किल या यह कहें कि जीवन जीना ही असंभव हो सकता है।

            यह कहना गलत नहीं होगा हमें यह मानसिकता छोड़ देनी चाहिए कि हम इंसान ही सर्वोपरि हैं क्योंकि आज एक  वायरस ने हमें अपनी सही जगह दिखा दी, आज के समय में हमे प्रकति की सभी जीवित रचनाओं को पूर्णता सम्मान देते हुए उन्हें वे जिस रूप में हैं उसी रूप में अपनाना चाहिए और यह मानसिकता खत्म करनी चाहिए कि हम प्रकति का अधिक से अधिक उपयोग अपने लिए किस प्रकार कर सकते हैं।आज हमे स्वयं आत्म विश्लेषण करने की बहुत ही ज्यादा जरूरत है नहीं तो स्थितियां आगे चलकर बत से बदतर हो सकती है।

          आशा है कि मेरी बात शायद आप लोगों को पसंद आई होगी।